फर्जी दाखिले को लेकर अमेरिका में 8 भारतीय छात्र गिरफ्तार

शिक्षा के लिए विदेश जाने का सपना हर छात्र का होता ताकि वह उपने घर व खानदान का नाम रोशन कर सके , पर कभी कभी यह सपना आपको हवालातों के पीछे भी पहुंचा सकता है जिससे आप अपने जीवन के लक्षयों को पाने से चूक सकते है क्योंकि यदि आप गैर कूनी रुप से विदेश गमन करते है तो इससे देश के साथ साथ आपकि छवि को भी खराब होती है.

बता दें कि अमेरिका में संघीय अधिकारियों ने पिछले दो दिन में अनेक छापे मार कर कई भारतीयों को गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारी एक फर्जी विश्वविद्यालय में फर्जी दाखिले को लेकर की गई है.

गौरतलब है कि यह लोग मेट्रो डेट्रॉइट इलाके के एक कथित फर्जी विश्वविद्यालय में छात्र के रूप में पंजीकृत थे और देश भर में काम कर रहे थे. जिनकी जांच पड़ताल में फर्जी दाखिले का मामला सामने आया ,जिसके बाद इन छात्रों को गिरफ्तार कर उनका प्रत्यर्पण कराने की बात कही जा रहीं है.

अमेरिकी आव्रजन एवं सीमाशुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने ये छापे कोलंबस, ह्यूस्टन, अटलांटा, सेंट लुईस, न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी आदि शहरों में मारे. आईसीई ने गिरफ्तारी से जुड़े सवालों और इसके कारणों को लेकर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
रेड्डी और न्यूमैन समूह के आव्रजन अटॉर्नी ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि उसे रिपोर्ट मिली हैं कि आईसीई ने बुधवार सुबह 6:00 बजे मिशिगन स्थित फार्मिंगटन विश्वविद्यालय द्वारा अधिकृत पाठ्यक्रम व्यावहारिक प्रशिक्षण (सीपीटी) डे-1 के छात्रों के काम करने की जगहों पर छापेमारी की है. सीपीटी अमेरिका में विदेशी (एफ-1) छात्रों को रोजगार के लिये दिया जाने वाला विकल्प है. कुछ विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को यह विकल्प मुहैया कराते हैं.

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