अयोध्या मामलाः अठवें दिन नहीं हो पाई सुनवाई

Ayodhya Ram Janmabhoomi controversy, demand for hearing soon, Supreme court, अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद, जल्द सुनवाई की मांग, संविधान पीठ, सुप्रीम कोर्ट

ज़मीन के मालिकाना कब्ज़े को लेकर उच्चतम न्यायालय में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले पर लगातार सुनवाई चल रही है. जिसमें सोमवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई नहीं हुई. जिसका कारण प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के किसी अत्यावश्यक काम में फंसे होना बताया गया था.

सूत्र के मुताबिक पांच सदस्यों वाली संविधान पीठ प्रधान न्यायाधीश गोगोई को कुछ महत्वपूर्ण काम होने की वजह से पीठ सुनवाई के लिये नहीं बैठ पाई.

सूत्र ने स्पष्ट किया कि पीठ के सभी पांच न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय में मौजूद थे और कुछ गलतफहमी थी कि न्यायमूर्ति एस ए बोबडे आज उपलब्ध नहीं थे. अधिकारियों ने कहा कि न्यायमूर्ति बोबडे दिन भर अपने चैंबर में काम कर रहे थे. फिलहाल मामला सुनवाई के लिए मंगलवार को सूचीबद्ध है.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ‘राम लला विराजमान’ के वकील सी.एस वैद्यनाथन की दलील सुनने वाली थी. सोमवार को सुनवाई का आठवां दिन था.

उच्चतम न्यायालय में इस मामले पर प्रतिदिन सुनवाई चल रही है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के अलावा न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर मामले की सुनवाई कर रहे हैं.

अधिवक्ता वैद्यनाथन ने शुक्रवार को पीठ से कहा था कि एएसआई की रिपोर्ट के अनुसार वहां ‘‘ईसापूर्व दूसरी शताब्दी का स्तंभ आधारित एक भव्य ढांचा मौजूद था’’ तथा एएसआई के सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि उस स्थल पर ‘‘स्तंभों वाला’’ एक ‘‘मंडप’’ था.

गौरतलब है कि शीर्ष अदालत अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि के मालिकाना हक के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही है.

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