ममता दीदी को मां-माटी-मानुष की नहीं, सिर्फ और सिर्फ अपने हितों की परवाह हैः पीएम मोदी

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लोकसभा चुनावों के 5 चरण के मतदान हो चुके है, अब पांचवे के आखिरी दूसरे चरण के चुनाव होने है, जिसमें सभी पार्टियां अपना दंभ खंभ लगा रहीं है, क्योंकि दिल्ली की राजनीति में हर कोई अपना कदम रखना चाहता है, हर सासंद का सपना होता है कि वह संसद के गलियारों में जाएं, केंद्र की राजनीति का हिस्सा बने.

जिसके लिए  लोकसभा सभा चुनाव के आखिरी दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार  करने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे.  बता दें कि पश्चिम बंगाल में छठे व सातवें चरण के मतदान होना  अभी बाकी है.  इसलिए छठे व सातवें चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए पीएम लगातार रैली कर रहे है. इसी रैली के बाबत  वह यहां ममता बनर्जी सरकार पर जमकर बरसे.

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मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां भाजपा की रैली न हो पाए इसके लिए टीएमसी सरकार ने पूरी शक्ति लगा दी थी. लेकिन जिस पर आपका आशीर्वाद हो, उसे आपके बीच आने से कोई नहीं रोक सकता. दीदी कितनी परेशान है, उसका अंदाजा उनकी भाषा से लगाया जा सकता है.

वो अब मेरे लिए पत्थरों की बात करती हैं, थप्पड़ों की बात करती हैं. मुझे तो गालियों की आदत है लेकिन बौखलाहट में दीदी देश के संविधान का भी अपमान कर रही हैं. ममता दीदी ने पहले बंगाल को अपनी सत्ता के नशे में बर्बाद किया. अब वो बंगाल को और तबाह करने पर तुल गई हैं अपनी सत्ता जाने के डर से. उन्हें मां-माटी-मानुष की नहीं, सिर्फ और सिर्फ अपने हितों, अपनी कुर्सी, अपने रिश्तेदारों, अपने भतीजे, और अपने टोलाबाजों की परवाह है.

दीदी अपने देश के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मानने के लिए तैयार नहीं हैं. लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को, प्रधानमंत्री मानने में उन्हें गौरव का अनुभव होता है. जब पश्चिम बंगाल में समुद्री तूफान आया, तो मैंने दीदी को दो-दो बार फोन किया, लेकिन उनका अहंकार इतना है कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से बात करना उचित नहीं समझा.

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