कोरोना वायरस के लिए पहले ना फिर हां कर पाकिस्तान ने दी सार्क देशों को अपनी रजामंदी

ayesha farooqi pakistan

कोरोना वायरस होने वाली बीमारी कोविड -19 से  अभी तक 118 देशों में फैल चुका है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जरिए इसे ग्लोबल महामारी घोषित किया गया है.  जिसके बा पीएम मोदी ने सार्क देशों को इससे लड़ने के लिए एकजुट होकर काम करने के लिए कहा है. जिसके 8 में से 7  देशों ने अपनी भागीदारी दर्ज करवा दी थी.  पर पाकिस्तान ने इसमें अपनी रजामंदी नहीं दी . पर अब जब पाकिस्तान में इस बीमारी को लेकर बदतर हालात पैदा हो गए है तो पाकिस्तान ने भी अब संकेत दिए हैं कि वह वायरस से लड़ने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर सकता है.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस का कहर सभी देशों में फैलता जा रहा है. भारत में कोरोना वायरस से 2 मौतें अब तक हो चुकी है. आसपास तेजी से वायरस फैलता देख पड़ोसी देश पाकिस्तान भी घबराया हुआ है. भारत में जहां अभी तक कोरोना के 89 मामले सामने आ चुके हैं, वहीं पाकिस्तान में 20 मामले सामने आए हैं।

 

पड़ोसी मुल्क की साप्ताहिक न्यूज ब्रीफिंग में पाकिस्तान की विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान भारत सहित अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर कोरोना से लड़ने के लिए काम करेगा? जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस वायरस से निपटने के लिए अपने पड़ोसी देशों के साथ काम कर सकता है।

प्रवक्ता ने कहा, “पाकिस्तान की सरकार बहुत बारीकी से स्थिति की निगरानी कर रही है व पाकिस्तान के नागरिकों के लिए आवश्यक कदम उठाएगी और हम हमारे पड़ोसी देशों को कोई भी सहायता प्रदान करने को भी तैयार हैं।” उन्होंने बताया कि इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी लोगों को हरसंभव मदद दी जा रही है। आयशा ने बताया कि सभी देशों की प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि वह इस वायरस को फैलने से बचाया।

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए बॉर्डर पर इस संक्रमण की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए गए हैं।

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