आरक्षण बिलः लोक सभा में पास अब राज्यसभा में है कड़ी चुनौती

मोदी सरकार के जरिए स्वर्णों को आर्थिक आधार पर 10 % आरक्षण देने के लिए कल लोकसभा की एक दिन की कार्यवाही बढ़ाई गई थी जिसके अंतर्गत एनडीए सरकार के जरिए लाए आरक्षण बिल को पारित करना था. जिसके अंतर्गत इस ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को मंगलवार को 3 के मुकाबले 323 मतों से इसे निचले सदन यानी लोकसभा की मंजूरी मिल गयी.

जहां एक तरफ लोकसभा में सरकार के इस बिल को लेकर रास्ता साफ हो चुका वही अब आज इसके राज्यसभा में पेश हो जाने के बाद इसे पास कराना एक चुनौती पूर्ण कार्य है क्यों कि इस बिल के विरोध समें विपक्ष एकजुट हो चुका है. बता दें कि संविधान संशोधन विधेयक बिल को राज्यसभा में पास काराने के लिए उच्च सदन की बैठक को एक दिन के लिए बढ़ा दीया गया है.

गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने ‘‘संविधान (124 वां संशोधन) , 2019’’ विधेयक का समर्थन किया था जिसके साथ ही सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है.
लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सरकार बनने के बाद ही गरीबों की सरकार होने की बात कही थी और इसे अपने हर कदम से उन्होंने साबित भी किया.
उनके जवाब के बाद सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को पारित कर दिया.

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