सपनों का घर हुआ महंगाःRBI

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अपने सपनों का घर होना हर किसी का एक सपना है, पर अब यह सपना और भी महंगा होता हुआ दिखाई दे रहा है. क्योंकि आरबीआई की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश के 4 महानगरों में सपनों का घर अब वाकई में एक आम इंसान के लिए सपनों का ही घर हो ला है, क्योंकि इस महंगे सपने को अब एक मिडिल परिवार के लिए देखना मुश्किल हो चला है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को एक रिपोर्ट जारी की. इसके मुताबिक देश में पिछले चार साल में घर खरीदना और भी ज्यादा महंगा हुआ है. चार महानगरों की ही बात की जाए तो मुम्बई में घर खरीदना सबसे महंगा है. दूसरे पर चेन्नई और तीसरे पर दिल्ली का नंबर आता है.

देशभर के 13 शहरों में किया गया सर्वे- रिपोर्ट

आरबीआई के अनुसार- पिछले चार वर्षों में देश में घर खरीदने में होने वाले खर्च में गिरावट आई है. देशभर के 13 शहरों में घरों की कीमत और वहां के निवासियों की आय का अनुपात (एचपीटीआई) असंतुलित हुआ है. यह मार्च 2015 में 56.1 % था, जो मार्च 2019 में 61.5 % हो गया.

मुम्बई में घरों की कीमत और वहां के निवासियों की आय के अनुपात की बात की जाए तो मार्च 2015 में 64.1 % की तुलना में मार्च 2019 में यह 74.4 % हो गया है. इस हिसाब से आय की तुलना में मकानों की कीमत करीब एक तिहाई हो चुकी है.

चेन्नई में यही अनुपात 58.6 % है जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा 58.5 % का है. हालांकि यह ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है. कोलकाता में यही अनुपात 56.5 % है.

आरबीआई की त्रैमासिक आवासीय संपत्ति मूल्य सर्वेक्षण के अंतर्गत 13 शहरों को शामिल किया गया. इनमें मुम्बई, चेन्नई, दिल्ली, बेंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, जयपुर, चंडीगढ़, अहमदाबाद, लखनऊ, भोपाल और भुवनेश्वर शामिल.

रिपोर्ट के अनुसार घर खरीदने के मामले में भुवनेश्वर इन तमाम शहरों में सबसे सस्ता शहर है. बीते दो सालों में ईएमआई और आय का अनुपात (ईटीआई) औसत रूप से समान बना हुआ है. हालांकि भविष्य में घर खरीदना और भी महंगा होगा.

 

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