रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुणवत्‍तापूर्ण अवसंरचना विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित

केन्‍द्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग तथा रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुणवत्ता पर विशेष ध्‍यान देने का आह्वान किया है, ताकि भारत अपने उत्‍कृष्‍ट उत्पादों के लिए पहचाना जाए. स्वच्छ व सतत विकास के लिए गुणवत्‍तापूर्ण अवसंरचना हेतु इंजीनियरिंग सेवाएं विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को आज नई दिल्‍ली में संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत को केवल तुलनात्‍मक और प्रतिस्पर्धात्मक लागत का लाभ ही नहीं है, बल्कि देश को अपने उत्‍कृष्‍ट उत्‍पादों व उत्‍कृष्‍ट सेवाओं के लिए भी पहचान मिली है. उन्‍होंने कहा कि व्‍यापार के विस्तार के लिए दो प्रकार की संभावनाएं हैं – पहली बड़े पैमाने पर निर्यात क्षमता तथा इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी को भारत लाने की असीम संभावनाएं।

वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि बजट 2019-20 में वित्त मंत्री ने भारत में ढांचागत संरचना के विस्तार के लिए रोडमैप दिया है और अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात कही है. उन्‍होंने कहा कि अगले 10-12 वर्षों के दौरान रेलवे के विस्तार और विकास के लिए 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है. यह विजन दिखाता है कि भारत अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश का गंतव्य स्‍थल बन गया है.

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में सबसे तेजी से उभरने वाला देश बन गया है. पिछले पांच वर्षों के दौरान सौर ऊर्जा की स्‍थापित क्षमता में 1200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. एलईडी बल्‍व उपयोग के मामले में भारत सबसे देश बन गया है. गोयल ने इस वर्ष के बजट में बिजली से चलने वाले वाहनों के लिए प्रस्तावित छूट का भी उल्‍लेख किया और कहा कि भारत दुपहिया, तिपहिया और चार पहिये वाले वाहनों के विनिर्माण में विश्‍व का अग्रणी देश बन जाएगा.

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