नहीं रहें देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली

एक तरफ लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत के साथ देश के शासन तंत्र को संभालने वाली बीजेपी सरकार देश में भगवा फैलाने की तैयारियों में लगी है पर वहीं इन तैयारियों के बीच पार्टी साल की शुरुआत से लेकर अब तक अपने तीन दिग्गज नेताओं को खो चुकी है. पहले, मार्च में गोवा के चीफ मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर उसके बाद इसी महीने की 6 तारीख को बीजेपी ने देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को खो दिया और अब देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली .

आज करीब दोपहर 12:30 बजे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली एम्स में निधन हो गया. वे 66 वर्ष के थे. उन्होंने दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली. किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके जेटली को कैंसर हो गया था. उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था. पिछले दिनों राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना था.

मोदी फिलहाल यूएई में है. उन्होंने जेटली की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की. दोनों ने मोदी से अपना विदेशी दौरा रद्द न करने की अपील की. पर फिलहाल पीएमओं की तरफ से इस बाबत कोई अधिकारिक जानकारी नहींम मिली है. मोदी को यूएई के बाद बहरीन भी जाना है.

बता दें कि सांस लेने में तकलीफ होने के बाद से जेटली 9 अगस्त को एम्स में भर्ती हुए थे. जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था. वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क गए थे और फरवरी में वापस लौटे. जेटली ने अमेरिका से इलाज कराकर लौटने के बाद ट्वीट किया था- घर आकर खुश हूं.
उन्होंने अप्रैल 2018 में भी दफ्तर जाना बंद कर दिया था. 14 मई 2018 को एम्स में ही उनके गुर्दे (किडनी) प्रत्यारोपण भी हुआ था, वे शुगर से भी पीड़ित थे. सितंबर 2014 में वजन बढ़ने की वजह से जेटली की बैरियाट्रिक सर्जरी भी कराई गई थी.

इसके अलावा उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में ना लड़ने के लिए पीएम से बात भी की थी व पीएम ने बात मान ली थी.

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