निरंकारी मिशन पर हुआ आतंकी हमला

Haryana,Sonipat,Sonipat,Ganaur,amritsar bomb attack, nirankari bhawan, satsang, rajasansi, adawali, granade attack, terror, punjab, cm amrinder singh,Smalkha,NirankariMission, Baba Hardev singh, AvmNews, City News , Hindi Samachaar, Amritsar terror attack, sudiksha ji , Chandigarh Photos, Latest Chandigarh Photographs, Chandigarh Images, Latest Chandigarh photos

27 देशों में 3000 शाखाओं वाला निरंकारी मिशन, करोंड़ो की संख्याओं में अनुयायियों का इस मिशन के साथ जुड़े रहना अपने में ही एक उपल्बधि को दर्ज करवाता है, लेकिन वही जब 89 सालों से चल रहें इस मिशन पर अचानक आतंकी हमला हुआ तो राज्य ही नहीं वरन् पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया.
रविवार को अमृतसर के राजासांसी के अदावली गांव में कई समय से चल रहे संत निरंकारी मिशन पर अचानक हुए अंतकी हमले पर राज्य की सुरक्षा के साथ साथ मिशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है.

गौरतलब है कि राजासांसी के अदावली गांव में रविवार को निरंकारी संत निरंकारी भवन में हुए इस ब्लास्ट में 3 लोगों की मौत हो गई. जिसके बाद पूरे पंजाब समेत राजधानी दिल्ली, हरियाणा और एनसीआर में हाईअलर्ट कर दिया गया है. व साथ ही निरंकारी मिशन के समालखां में हो रहे 89 वें निरंकारी मिशन समारोह में भी सुरक्षा इंजताम को पुख्ता करने के आदेश दिए है,जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधियों से बचा जा सके.

 

कब हुआ हमला

यह हमला निरंकारी भवन में उस समय हुआ जब भवन में सभी अनुयायी प्रार्थना सभा में एक्ट्ठा हुए,उसी दौरान दो युवक निरंकारी भवन के पास पहुंचे और उन्होंने वहां गेट पर खड़ी एक लड़की को पिस्टल दिखाई और प्रार्थना सभा के अंदर विस्फोटक सामग्री फेंक दी, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई. इस भगदड़ व धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए.

कौन है इस आतंकी हमले के पीछे

हमले में पाकिस्‍तानी व कश्‍मीरी आतंकियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. साथ ही इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) के हाथों में सौपी ,है जिसके बाद से हमले के बारे में जो जानकारी सामने आ रही हैं कि जिन लड़कों को आतंकियों ने इस गतिविधियों के लिए चुना, उन्हें स्लीपर सेल के रुप में इस वारदात के लिए तैयार किया गया था.

क्या है निरंकारी मिशन
निरंकारी मिशन की स्थापना 1929 में बाबा बूटा सिंह ने रावलपिंडी में की थी, बाबा हरदेव सिंह के निरंकारी मिशन की 27 देशों में 3000 शाखाएं हैं और एक करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं, इसके कारण इस मिशन का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया. हाल ही में राजमाता सुखविंदर कौर के मरने के पश्चात् उनकी छोटी बोटी सुदीक्षा को इस मिशन की कमान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है.

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help