‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ बनी साल 2018 की देश की सबसे बड़ी मूर्ति

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2018 कुछ अच्छी यादों के साथ याद किया जाए तो बेहतर होगा, इन्हीं अच्छी यादों में से एक थी देश के पीएम नरेन्द्र मोदी के जरीए गुजरात के वड़ोदरा में 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल के जन्मदिन के मौके पर पटेल की विशालकाय मूर्ति के निर्माण का शिलान्यास किया था . गुजरात के नर्मदा जिले स्थित केवड़िया में स्थित इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है. आखिर क्या है इस विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति की खासियतें आइए जानते इन कुछ बिंदुओं के जरिए.

•बुनियादी ढांचा निर्माण से जुड़ी सबसे बड़ी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने दावा किया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में बना यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है.

•गौरतलब है कि यह मूर्ति चीन और न्यूयार्क की प्रतिमाओं से काफी ऊंची है. भारत में बनाई गई यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है. चीन में स्थित स्प्रिंग टेंपल की बुद्ध की प्रतिमा (153 मीटर) से भी ऊंची है और न्यूयॉर्क में स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुनी ऊंची है.

•यह मूर्ति अब तक की सबसे जल्दी बनने वाली सबसे विशालकाय मूर्तियों में से एक है , इसके बनने में महज 33 महीने में बनकर तैयार हुई है, रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और 33 माह में इसे पूरा कर लिया गया. कंपनी ने कहा कि स्प्रिंग टेंपल के बुद्ध की मूर्ति के निर्माण में 11 साल का वक्त लगा.

•इसमें लगने वाली लागत करीबन 2,989 करोड़ रुपये है,यह राशि एल & टी के अनुसार है.

•स्मारक सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से बना है, जिसमें ज्यादातर हिस्सा गुजरात सरकार का है. गुजरात सरकार ने अपने 2012-13 के बजट में ₹100 करोड़ तथा 2014-15 में ₹500 करोड़ दिए थे. 2014-15 भारतीय संघ के बजट में इस मूर्ति के निर्माण हेतु ₹2 अरब आवंटित किये गये.

•अनुमान है कि ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of unity) को देखने के लिए प्रतिदिन करीब 15000 पर्यटक आएंगे. इससे गुजरात देश का सबसे व्यस्त पर्यटक स्थल बन सकता है. ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को देखने के लिए 10 नवंबर को रिकॉर्ड 27000 लोग पहुंचे थे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री द्वारा 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के स्मारक का उद्घाटन किया गया था और एक नवंबर को आम लोगों के लिए इसे खोला गया, उसके बाद से एक दिन में यहां आने वाले लोगों की यह संख्या सबसे ज्यादा थी.

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