अंतरजातीय संबंध को लेकर 19 वर्षीय प्रियंका शीते ने जान बचाने के लिए खटखटाए बंबई हाईकोर्ट के दरवाज़े

कहने को हम काफी मोर्डन हो चुके  है पर आज भी पुरानी संस्कृति को पकड़े हुए है. अगर किसी नीची जाती  के लड़के या लड़की ने ऊंची जाति में विवाह कर लिया तो समाज से लेकर समाज के ठेकेदारों तक उनकी जिंदगी उनकी ना होकर समाज के कानूनों की भेट चढ़ जाती है. जिसका नतीजा या तो जान देकर मिलता या अलग हो कर.

हाल ही में पूणे की 19 वर्षीय प्रियंका शीते ने  अपने दलित जातीय प्रेमी की जान बचाने के लिए ने बंबई हाईकोर्ट के समक्ष अपनी और अपने पुरुष मित्र की सुरक्षा को लेकर गुहार लगायी है. प्रियंका ने सात मई को कोर्ट से सुरक्षा मांगी है. उसने पुणे के एक थाना में आईपीसी धारा 344,352,323,506 और 507 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी है.

इसके बाबत प्रियंका का कहना है कि उसके माता-पिता उसके अंतरजातीय संबंध को लेकर नाराज हैं जिसके कारण उन दोनों को प्रताड़ित किया जा रहा है.

इसके अलावा प्रियंका ने बताया कि उसके अंतरजातीय संबंध तीन साल पहले से हैं. जब उसके परिवार वालों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने उसे प्रताड़ित करना शुरू किया और उसे और उसके मित्र को जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद वह घर छोड़कर भाग गयी. जब उसे पुलिस से कोई मदद नहीं मिली तो उसने कोर्ट का रुख किया.

दरअसल प्रियंका का प्रेमी दलित वर्ग से है, जिसके कारण उसके परिवार वाले इस संबंध से नाराज हैं. प्रताड़ना से तंग आकर प्रियंका ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी. प्रियंका के वकील ने मीडिया को बताया कि कोर्ट ने पुलिस को यह आदेश दिया है कि वे दोनों को सुरक्षा मुहैया कराये.

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